शनिवार, 6 जनवरी 2018

कल हाइकोर्ट में होनी वाली सूनवाई पर शाही जी की पोस्ट

मित्रों जैसा कि आप जानते हैं कि *आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन* के द्वारा आप समस्त शिक्षामित्र साथियों के मान-सम्मान की पुनः वापसी के उद्देश्य से *माननीय हाई कोर्ट इलाहाबाद में एक रिट डाली गई थी, जिसकी पूर्व में दो बार सुनवाई हो चुकी है। और आगामी डेट 8 जनवरी 2018 तय की गई थी।*
इस संबंध में आपको बताना है कि उक्त याचिका की सुनवाई *आगामी 8 जनवरी 2018 को सीरियल नंबर 8 पर, कोर्ट नंबर 18 में जस्टिस एम० सी० त्रिपाठी जी की बेंच में होगी।*
इस संबंध में हमने विगत 3 दिसंबर 2017 को मीटिंग में समस्त उपस्थित जिलाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में समस्त आय-व्यय का ब्यौरा दिया था। जिसके बाद संगठन के पास धन की अनुपलब्धता के विषय में भी चर्चा की गई थी। और निर्णय लिया गया था कि आम शिक्षा मित्रों से संघर्ष शुल्क न लेकर केवल पदाधिकारियों द्वारा ही संघर्ष शुल्क इकट्ठा किया जाएगा। और माननीय न्यायालयों में चल रही याचिकाओं की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं की फीस का वहन किया जाएगा। परंतु 1-2 जनपदों को छोड़कर किसी भी जनपद ने संगठन को अब तक सहयोग नहीं किया गया है।
इस संबंध में पुनः आप समस्त जिला अध्यक्षों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाता है की शीघ्रातिशीघ्र संघर्ष शुल्क की व्यवस्था करें। जिससे संगठन आगे की रणनीति तय कर सके। क्योंकि ऐसी स्थिति में हम आपको अवगत करा दें कि *आगामी 8 जनवरी 2018 को माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद में होने वाली सुनवाई में हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पी एन मिश्रा जी को उनकी फीस का प्रबन्ध न होने के कारण नहीं ला पा रहे हैं।*
अब 8 जनवरी को होने वाली सुनवाई में *माननीय हाईकोर्ट के ही अधिवक्ता श्री के एस कुशवाहा जी ही पैरवी करेंगे।*
तथा आप सबको यह भी बता दें कि दिल्ली में इतने दिन भागदौड़ के दौरान हमारा स्वास्थ्य पुनः खराब हो गया है। इसलिए 8 जनवरी को इलाहाबाद में होने वाली सुनवाई के लिए संगठन की ओर से सुनवाई की देख-रेख के लिए पांच लोगों की कमेटी गठित कर दी गई है, *जिसमें प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा जी, श्री अजय धर दुबे जी, इलाहाबाद के मांडलिक मंत्री श्री शारदा शुक्ला जी, इलाहाबाद जिला अध्यक्ष श्री अश्वनी त्रिपाठी जी, व श्री अरुण कुमार जी रहेंगे।*
एक बार फिर हम अपने समस्त प्रांतीय पदाधिकारियों व समस्त जिलो के समस्त पदाधिकारियों से निवेदन करते हैं कि आप लोग आगे बढ़ कर संगठन का सहयोग करें जिससे हम अपने संगठन के बल पर समस्त शिक्षामित्र साथियों का मान सम्मान वापस दिला सके। क्योंकि आपको अवगत करा दें कि जो एक या दो जनपदों से थोड़ा बहुत धन प्राप्त हुआ था उससे दिल्ली में इतने दिन रहकर, की गई कार्यवाही का खर्च भी नहीं चल सका है। इसलिए आप समस्त साथियों के सहयोग की अति आवश्यकता है।

*नोट-👉🏻*  *संज्ञान में आया है कि कुछ जिलाध्यक्ष इधर उधर भी भटक रहे हैं, तो उन्हें या जो लोग संगठन में काम करने के इच्छुक न हों, उनसे आग्रह है कि वे स्वयं पद त्याग करें, जिससे संगठन को उनके विरुद्ध कार्यवाही के लिए बाध्य न होना पड़े।*

इसी के साथ......

जय शिक्षक.....
जय शिक्षा मित्र.....

आपका,
जितेंद्र शाही,
विश्वनाथ सिंह कुशवाहा,

लेखक,
सय्यद जावेद मियाँ,
प्रांतीय प्रवक्ता,
आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश।

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

गुरु को बना दिया गैस्ट, कैसे होगी शिक्षा प्रणाली बेस्ट: दुष्यंत

गुरु को बना दिया गैस्ट, कैसे होगी शिक्षा प्रणाली बेस्ट: दुष्यंत
गेस्ट टीचरों का मामला लोकसभा में गूंजा
दुष्यंत ने देशभर के गेस्ट टीचरों को नियमित करने के लिए केंद्र सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग की
हिसार,4 जनवरी। हमारे देश में शिक्षक को गुरु का दर्जा प्राप्त है, सरकार ने उनको गेस्ट बनाने का काम किया है, ऐसे में शिक्षा का स्तर कैसे होगा बेस्ट ? जब तक शिक्षक के ऊपर नौकरी जाने की तलवार लटकी रहेगी तब तक वह अच्छी परफॉर्मेंस नहीं दे सकता। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि हरियाणा ही नहीं पूरे देश में जितने भी गेस्ट टीचर लगे हुए हैं उनको एक पॉलिसी बना कर नियमित किया जाए ताकि शिक्षा का स्तर और अधिक अच्छा हो। यह मांग हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने वीरवार को लोकसभा में उठाई।
सांसद चौटाला ने मानव संसाधन विकास मंत्री से मांग की कि इन गेस्ट टीचरों के लिए जिन्होंने 5 साल या इससे अधिक सेवाएं सरकारी स्कूलों में दी हैं,उनको चाहे सर्व शिक्षा अभियान के तहत या अन्य किसी पॉलिसी के तहत नियमित किया जाए। सांसद चौटाला ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि देश के भिन्न-भिन्न प्रदेशों में सरकारी शिक्षक लगाने की बजाय गेस्ट टीचर भर्ती किए जा रहे हैं। हरियाणा में इनको जहां गेस्ट टीचर कहा जाता है तो राजस्थान में शिक्षामित्र के नाम से जाना जाता है इसी तरह प्रदेश के अन्य प्रदेशों में अलग अलग नाम से गेस्ट टीचरों को जाना जाता है। सांसद चौटाला ने कहा कि कई प्रदेश ऐसे हैं जहां पर नियमित शिक्षक की बजाय गेस्ट टीचर अधिक है। सांसद चौटाला ने कहा कि नियमित शिक्षक जहां पर ₹40000 तक की सैलरी प्राप्त करते हैं वही गेस्ट टीचर को मात्र 18 से 21000 रुपए मिलते हैं। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर अपनी नौकरी को लेकर हर समय तनाव में रहता है कि क्या पता उसकी कल नौकरी रहे ना रहे, जिस कारण उसका असर शिक्षा पर भी पड़ता है।
सांसद चौटाला ने केंद्र सरकार से मांग की कि देशभर में जहां पर भी पांच-पांच साल से जो गेस्ट टीचर लगे हुए हैं और उनको रेगुलर नहीं किया गया उनके लिए एक पॉलिसी बनाई जाए। इस पॉलिसी के तहत उन सभी को पक्का किया जाये। सांसद चौटाला ने लोकसभा में आंकड़े रखते हुए भी कहा कि हरियाणा में 30 स्कूल तो ऐसे हैं जहां का रिजल्ट शून्य प्रतिशत रहा है। नियमित शिक्षक न होने से देशभर के सरकारी स्कूलों में गिरावट आई है । इसलिए शिक्षा स्तर को उठाने के लिए केंद्र सरकार तुरंत एक पॉलिसी बनाए और उस पॉलिसी के तहत देशभर के गेस्ट टीचरों को नियमित किया जाए।

बुधवार, 3 जनवरी 2018

शिक्षामित्र का एक संगठन मिला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से ओर अपनी समस्या से करवाया अवगत

आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश मित्रों आज हमारे संगठन के द्वारा जनपद चंदौली के सांसद, पूर्व मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री व भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष माननीय महेंद्र नाथ पांडे जी से मिला गया। और उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया।

2017 ने फेरा शिक्षामित्रों की उम्मीदों पर पानी: अशुभ रहा बीता साल: कोर्ट के आदेश के बाद समायोजन बचाने की नहीं चली कोई दांव


प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद समायोजित शिक्षामित्रों के लिए बीता साल 2017 बहुत ही अमंगलकारी व कष्टदायी रहा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रद्द हुआ समायोजन बचाने के लिए सत्ता से लेकर प्रशासनिक स्तर पर किए गए संघर्ष व आन्दोलन के बाद शिक्षामित्र संगठनों की कोई दांव नहीं चली। महीने भर जिले से लेकर दिल्ली तक आन्दोलन करने के बाद भी केन्द्र व प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को राहत पहुंचाने से हाथ खड़ा कर दिया। हां इतना जरूर रहा कि लगातार धरना व प्रदर्शन करने के दबाव में आकर शासन ने शिक्षामित्रों को मानदेय दोगुना से ज्यादा बढ़ाकर उनके जख्म पर मरहम लगाने का काम किया। पूरा वर्ष कोर्ट से लेकर शासन के बीच लटका रहा शिक्षामित्रों का भविष्य: 1000 शिक्षामित्रों के प्रथम बैच को प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन करते हुए नियुक्ति पत्र पूर्ववर्ती सपा सरकार में 31 जुलाई 2014 में जारी की गई। दूसरे बैच 1342 शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र 28 अप्रैल 2015 को दिया गया। शासन की ओर से सभी को सहायक अध्यापक का वेतन भी जारी कर दिया गया। नियुक्ति पत्र पाने से लेकर डायट में होने वाली काउंसलिंग में भी शिक्षामित्रों ने रात-दिन रुककर संघर्ष किया। यह बात अलग रही कि तत्कालीन बीएसए की ओर से शिक्षामित्रों को इस तरह से फेंटा कि उन्हें दूर न जाना पड़े इसके लिए बीएसए से तगड़ी सेटिंग करनी पड़ी। 12सितम्बर को 2015 को हाईकोर्ट ने समायोजन को रद्द किया तो 26 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया। 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन किया रद्द:सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर हुए समायोजन का रदद् कर दिया, तो प्रदेश भर में शिक्षामित्रों ने बवाल काटते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेशव्यापी आन्दोलन के बाद प्रदेश सरकार ने अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह से वार्ता करने की पेशकश की। एक सप्ताह के आन्दोलन के बाद 31 जुलाई को आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप शाही और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने अपर मुख्य सचिव से वार्ता की,मगर वार्ता असफल रहीं। एक अगस्त को सीएम से प्रतिनिधि मण्डल की वार्ता हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ के भरोसा देने पर 15 दिन के लिए धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 17 अगस्त से 19 अगस्त 2017 तक जिले में धरना शुरू हुआ। फिर 21 से 23 अगस्त तक लखनऊ में लगातार धरना चला। सीएम ने शासनादेश जारी करने का भरोसा दिया तो संगठन ने धरना स्थगित कर दिया।

मंगलवार, 2 जनवरी 2018

15 जनवरी से पहले मूल विद्यालय भेजे जायें सभी शिक्षामित्र: संगठन ने सरकार के सामने रखी अपनी मांग


नये वर्ष में, उक्त याचिकाओं का, कोर्ट में हो सकता है, जोर का धमाका

*नये वर्ष में, उक्त याचिकाओं का, कोर्ट में हो सकता है, जोर का धमाका*:-
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*जनवरी-२०१८ माह में होने वाली सुनवाई की प्रमुख तिथियाँ :-*
➡  *कल ३,४,५ जनवरी को कुछ नई रिट टेट आपत्ति व इनवैलिड रिजल्ट को लेकर फाइल होगी। जिसकी सुनवाई अगले सप्ताह में*
➡ *५ जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में ५ रिव्यू जो रजिस्टर हो चुकी हैं  संभावित डेट*
➡ *८ जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में २ रिव्यू रजिस्टर हो चुकी हैं संभावित डेट (रिव्यू एक साथ कनेक्ट होकर सुने जाएंगे। जिसमें कुछ अभी रजिस्टर होना शेष*
➡ *८ जनवरी को शाही जी वाली रिट की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में होगी*
➡ *०९ जनवरी को समान कार्य के सम्बन्ध में,समान वेतन हेतु इलाहाबाद हाई कोर्ट में पुनः सुनवाई होगी*
➡ *१० जनवरी को टेट-२०१७ गलत प्रश्नों को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई*
➡ *११ जनवरी को टेट-२०१७ गलत प्रश्नों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई*
➡ *१९ जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ६१६६८/२०१७ दिनेश कुमार केस (वेतन से सम्बन्धित*
➡ *२३ जनवरी इलाहाबाद हाईकोर्ट में ५७२८१/२०१७ प्रदीप कुमार पाल (मूल विद्यालय से सम्बन्धित सुनवाई*
➡ *२२ जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की पीठ में पीआईएल पर सुनवाई होगी*
उक्त धमाका के साथ 
*जय महाकाल*
*प्रदीप पाल*
जनपद - इलाहाबाद 
     *उत्तर प्रदेश*

सामान काम सामान वेतन

*कोर्ट हलचल*:-
📌📌📌📌📌📌📌📌📌📌मित्रों आज सरकारी वकील ने तवियत खराव होने का प्रार्थना पत्र देकर अगली डेट के लिए समय मागा जिस पर जज साहव ने अगली डेट के लिए सहमति दे दी*
*मित्रों, समान काम समान वेतन, एवं उत्तराखण्ड ऑर्डर के समान लाभ दिलाने हेतु सुनवाई इलाहबाद हाईकोर्ट मेंअगले सप्ताह दिनांक - 09 जनवरी 2018 को कोर्ट नं 18  बहस होना लगभग सुनिश्चित हैं*
मित्रों, जैसा कि बहुप्रतीक्षित केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में *समान काम का, समान वेतन* की रिट संख्या 45426/2017 बरेली अनिल कुमार अन्य अदर्स और 48122/2017 सुरेन्द्र कुमार कुशीनगर , 48524/2017दिनेश कुमार कासगंज ,48561/2017 रणजीत कुमार एवं अन्य अदर्स आदि रिटो  की समान काम समान वेतन और उत्तराखंड की तरह लाभ यूपी के शिक्षा मित्रों की सुनवाई  इलाहबाद हाईकोर्ट में अगले मंगलवार 09/01/2018 को है ।
क्योंकि सभी समान मित्रों केस की सुनवाई कोर्ट नं 18 में जज महेश चंद्र त्रिपाठी  जी की बेंच मे होगी
*मित्रों समान काम का समान वेतन एवं उत्तराखंड के आधार पर लाभ दिलाने हेतु टीम की तरफ से सीनियर अधिवक्ता श्री अशोक खरे जी  बहस करेंगे*
*आप सभी साथी अपने ईष्टदेव एवं ईश्वर से प्रार्थना अवश्य करें, दिनांक 09/01/2018 को नए वर्ष में सकारात्मक परिणाम,हम सभी के पक्ष मे आये और हम सभी को अपना खोया हुआ मान-सम्मान नए साल की सौगात में मिले और हमारे जीवन में यह नववर्ष-2018  नई खुशियां लेकर आये*
इन्ही शुभकामनाओ के साथ सभी टीमे आप सभी को सम्मान वापस दिलाने के लिये प्रयास में लगी हुई है
🙏🙏🙏🙏🙏
दिनेशकुमार टीम कासगज
उक्त जानकारी के साथ
  • सधन्यवाद ।

शिक्षामित्रों के मामले में 28 मार्च को मा० सुप्रीम कोर्ट मे होने जा रही है कन्टैम्ट (अवमामना) की सुनवाई: गाजी इमाम आला

*28 मार्च को मा० सुप्रीम कोर्ट मे होने जा रही है कन्टैम्ट (अवमामना) की  सुनवाई * ---------------------------------------- 28 मार्च 2018 को...