मित्रों जैसा कि आप जानते हैं कि *आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन* के द्वारा आप समस्त शिक्षामित्र साथियों के मान-सम्मान की पुनः वापसी के उद्देश्य से *माननीय हाई कोर्ट इलाहाबाद में एक रिट डाली गई थी, जिसकी पूर्व में दो बार सुनवाई हो चुकी है। और आगामी डेट 8 जनवरी 2018 तय की गई थी।*
इस संबंध में आपको बताना है कि उक्त याचिका की सुनवाई *आगामी 8 जनवरी 2018 को सीरियल नंबर 8 पर, कोर्ट नंबर 18 में जस्टिस एम० सी० त्रिपाठी जी की बेंच में होगी।*
इस संबंध में हमने विगत 3 दिसंबर 2017 को मीटिंग में समस्त उपस्थित जिलाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में समस्त आय-व्यय का ब्यौरा दिया था। जिसके बाद संगठन के पास धन की अनुपलब्धता के विषय में भी चर्चा की गई थी। और निर्णय लिया गया था कि आम शिक्षा मित्रों से संघर्ष शुल्क न लेकर केवल पदाधिकारियों द्वारा ही संघर्ष शुल्क इकट्ठा किया जाएगा। और माननीय न्यायालयों में चल रही याचिकाओं की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं की फीस का वहन किया जाएगा। परंतु 1-2 जनपदों को छोड़कर किसी भी जनपद ने संगठन को अब तक सहयोग नहीं किया गया है।
इस संबंध में पुनः आप समस्त जिला अध्यक्षों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाता है की शीघ्रातिशीघ्र संघर्ष शुल्क की व्यवस्था करें। जिससे संगठन आगे की रणनीति तय कर सके। क्योंकि ऐसी स्थिति में हम आपको अवगत करा दें कि *आगामी 8 जनवरी 2018 को माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद में होने वाली सुनवाई में हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पी एन मिश्रा जी को उनकी फीस का प्रबन्ध न होने के कारण नहीं ला पा रहे हैं।*
अब 8 जनवरी को होने वाली सुनवाई में *माननीय हाईकोर्ट के ही अधिवक्ता श्री के एस कुशवाहा जी ही पैरवी करेंगे।*
तथा आप सबको यह भी बता दें कि दिल्ली में इतने दिन भागदौड़ के दौरान हमारा स्वास्थ्य पुनः खराब हो गया है। इसलिए 8 जनवरी को इलाहाबाद में होने वाली सुनवाई के लिए संगठन की ओर से सुनवाई की देख-रेख के लिए पांच लोगों की कमेटी गठित कर दी गई है, *जिसमें प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा जी, श्री अजय धर दुबे जी, इलाहाबाद के मांडलिक मंत्री श्री शारदा शुक्ला जी, इलाहाबाद जिला अध्यक्ष श्री अश्वनी त्रिपाठी जी, व श्री अरुण कुमार जी रहेंगे।*
एक बार फिर हम अपने समस्त प्रांतीय पदाधिकारियों व समस्त जिलो के समस्त पदाधिकारियों से निवेदन करते हैं कि आप लोग आगे बढ़ कर संगठन का सहयोग करें जिससे हम अपने संगठन के बल पर समस्त शिक्षामित्र साथियों का मान सम्मान वापस दिला सके। क्योंकि आपको अवगत करा दें कि जो एक या दो जनपदों से थोड़ा बहुत धन प्राप्त हुआ था उससे दिल्ली में इतने दिन रहकर, की गई कार्यवाही का खर्च भी नहीं चल सका है। इसलिए आप समस्त साथियों के सहयोग की अति आवश्यकता है।
*नोट-👉🏻* *संज्ञान में आया है कि कुछ जिलाध्यक्ष इधर उधर भी भटक रहे हैं, तो उन्हें या जो लोग संगठन में काम करने के इच्छुक न हों, उनसे आग्रह है कि वे स्वयं पद त्याग करें, जिससे संगठन को उनके विरुद्ध कार्यवाही के लिए बाध्य न होना पड़े।*
इसी के साथ......
जय शिक्षक.....
जय शिक्षा मित्र.....
आपका,
जितेंद्र शाही,
विश्वनाथ सिंह कुशवाहा,
लेखक,
सय्यद जावेद मियाँ,
प्रांतीय प्रवक्ता,
आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश।
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